mohabbat men jo itni khaamiyaan hain | मोहब्बत में जो इतनी ख़ामियाँ हैं,

  - Mohd Afsar
मोहब्बतमेंजोइतनीख़ामियाँहैं,
जोकुछहैतेरेमेरेदरमियाँहैं
मुझेऐसीभीक्यामजबूरियाँहैं,
किमेरेदिलमेंदोदोलड़कियाँहैं
कभीमिलतानहींमुझसेेनयाशख़्स,
मिरेहिस्सेमेंबासीरोटियाँहैं
नहींदिखताकिसीकोप्यारमेरा,
सभीकेचश्मपेक्यापट्टियाँहैं
जहाँतुमनेसँवारेबालअपने,
वहींपरलड़खड़ातीकश्तियाँहैं
सितमक्याहैकिचश्म-ए-तरहैक्यूँँये,
शजरहैसूखा,सूखीपत्तियाँहैं
कभीजोसादगीथीइतनी,अबतो
उसीदिलमेंसुलगतीभट्ठियाँहैं
कभीदेखानहींमैंइनकाचहरा,
किसीजानिबतोअच्छीलड़कियाँहैं
सुनाहैशादीभीकरलीहैतुमने,
बताओअब,किकितनीबेटियाँहैं
कभीहुस्न-ए-नज़रसेदेखउनको,
कितुझसेेअच्छीतेरीबेटियाँहैं
  - Mohd Afsar
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