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100rav
maa baap bhai dost dushman aur tum
maa baap bhai dost dushman aur tum | माँ बाप भाई दोस्त दुश्मन और तुम
- 100rav
माँ
बाप
भाई
दोस्त
दुश्मन
और
तुम
हर
आइना
मुझको
अलग
बतलाता
है
- 100rav
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ज़रा
सी
देर
को
सकते
में
आ
गए
थे
हम
कि
एक
दूजे
के
रस्ते
में
आ
गए
थे
हम
जो
अपना
हिस्सा
भी
औरों
में
बाँट
देता
है
एक
ऐसे
शख़्स
के
हिस्से
में
आ
गए
थे
हम
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Ismail Raaz
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दर्द
सहने
का
अलग
अंदाज़
है
जी
रहे
हैं
हम
अदा
की
ज़िंदगी
Farhat Abbas Shah
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उदासी
जैसे
कि
उसके
बदन
का
हिस्सा
है
अधूरा
लगता
है
वो
शख़्स
अगर
उदास
न
हो
Vikram Sharma
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हसीन
लड़की
से
दिल
लगाना
भी
इक
ख़ता
है
मुझे
पता
है
अगर
सज़ा
में
मिले
क़ज़ा
तो
अलग
मज़ा
है
मुझे
पता
है
Jatin shukla
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इक
तो
ये
नूर
उस
पे
मेरी
शर्म
भी
अलग
तू
सामने
रहा
तो
निगह
उठ
न
पाएगी
shaan manral
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कच्ची
'उम्रों
में
हमें
काम
पर
लगा
दिया
गया
हम
वो
बच्चे
जो
जवानी
से
अलग
कर
दिए
गए
Shakeel Azmi
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मोहब्बत
में
नहीं
है
फ़र्क़
जीने
और
मरने
का
उसी
को
देख
कर
जीते
हैं
जिस
काफ़िर
पे
दम
निकले
Mirza Ghalib
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जो
तुम्हें
मंज़िल
पे
ले
जाएँगी
वो
राहें
अलग
हैं
मैं
वो
रस्ता
हूँ
कि
जिस
पर
तुम
भटक
कर
आ
गई
हो
Harman Dinesh
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वो
मेरी
दुनिया
का
हिस्सा
थी
मेरी
दुनिया
नहीं
इक
शजर
कटने
से
वन
वीरान
हो
जाएगा
क्या
Balmohan Pandey
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ये
दुख
अलग
है
कि
उस
सेे
मैं
दूर
हो
रहा
हूँ
ये
ग़म
जुदा
है
वो
ख़ुद
मुझे
दूर
कर
रहा
है
तेरे
बिछड़ने
पर
लिख
रहा
हूँ
मैं
ताज़ा
ग़ज़लें
ये
तेरा
ग़म
है
जो
मुझको
मशहूर
कर
रहा
है
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Tehzeeb Hafi
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ये
जो
सब
कहते
हैं
आएगी
क़यामत
एक
दिन
मैंने
वो
दिन
भी
गुज़ारे
हैं
तेरे
जाने
के
बाद
100rav
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मैं
वकील
क़ाज़ी
लोग
और
वो
ख़ुदा
तलक
सब
के
सब
पलट
गए
वो
कचहरी
में
आई
जब
100rav
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कुछ
नहीं
बदला
तेरे
जाने
के
बाद
बस
बताए
कोई
हँसते
कैसे
हैं
100rav
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उस
सेे
मिला
तो
जाना
ये
दुनिया
बहुत
ही
छोटी
है
100rav
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ये
जब
जब
रात
दिन
के
बाद
आती
है
जिसे
है
भूलना
वो
याद
आती
है
अँधेरा
काटने
आता
है
मुझको
तब
किताबों
में
से
इक
इमदाद
आती
है
मुहब्बत
बाद
ही
मुझको
हुआ
मालूम
मुहब्बत
बाद
ही
उफ़्ताद
आती
है
सुनाता
हूँ
तेरे
क़िस्से
ग़ज़ल
में
जब
मुअल्लिम
से
भी
अब
तो
दाद
आती
है
ग़ज़ल
बस
क़ाफ़िया-पैमाई
थोड़ी
है
ग़ज़ल
से
इश्क़
की
रूदाद
आती
है
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100rav
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