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100rav
ek din usse bhi nafrat ho gaii
ek din usse bhi nafrat ho gaii | एक दिन उस सेे भी नफ़रत हो गई
- 100rav
एक
दिन
उस
सेे
भी
नफ़रत
हो
गई
कैसे
केले
में
ये
कीड़े
लग
गए
- 100rav
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दुश्मनी
का
सफ़र
इक
क़दम
दो
क़दम
तुम
भी
थक
जाओगे
हम
भी
थक
जाएँगे
Bashir Badr
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दश्त
छोड़े
हुए
अब
तो
अर्सा
हुआ
मैं
हूँ
मजनूँ
मगर
नाम
बदला
हुआ
मुझको
औरत
के
दुख
भी
पता
हैं
कि
मैं
एक
लड़का
हूँ
बेवा
का
पाला
हुआ
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Rishabh Sharma
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चार
दिन
झूठी
बाहों
के
आराम
से
मेरी
बिखरी
हुई
ज़िंदगी
ठीक
है
दोस्ती
चाहे
जितनी
बुरी
हो
मगर
प्यार
के
नाम
पर
दुश्मनी
ठीक
है
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SHIV SAFAR
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शराफ़त
ने
मुझको
कहीं
का
न
छोड़ा
रक़ीब
अपने
ख़त
मुझ
सेे
लिखवा
रहे
हैं
Rajesh Reddy
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ज़रा
सा
वक़्त
जो
बदला
तो
हम
पे
हँसने
लगे
हमारे
काँधे
पे
सर
रख
के
रोने
वाले
लोग
Kashif Sayyed
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जंग
अपनों
के
बीच
जारी
है
सबके
हाथों
में
इक
कटारी
है
छत
हो
दीवार
हो
कि
दरवाज़ा
सबकी
अपनी
ही
ज़िम्मेदारी
है
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Santosh S Singh
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इन
दिनों
दोस्त
मेरे
सारे
ही
रूठे
हुए
हैं
मेरे
दुश्मन
यही
मौक़ा
है
हरा
दे
मुझ
को
Afzal Ali Afzal
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इस
तरह
ज़िंदगी
ने
दिया
है
हमारा
साथ
जैसे
कोई
निबाह
रहा
हो
रक़ीब
से
Sahir Ludhianvi
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मुनाफ़िक़
दोस्तों
से
लाख
बेहतर
हैं
ख़ुदा
दुश्मन
कि
ग़द्दारी
नवाबों
से
हुकूमत
छीन
लेती
है
Unknown
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हम
अम्न
चाहते
हैं
मगर
ज़ुल्म
के
ख़िलाफ़
गर
जंग
लाज़मी
है
तो
फिर
जंग
ही
सही
Sahir Ludhianvi
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या-ख़ुदा
न
जाने
कैसा
अजीब
प्यादा
हूँ
सद
क़दम
चला
जो
शतरंज
में
रहा
प्यादा
100rav
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नज़र
उतारना
अगर
है
वहम
इन
बड़ों
का
तो,
नज़र
उतारते
ही
बच्चे
शाँत
क्यूँ
हो
जाते
हैं
100rav
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मेरे
पीछे
हाथ
रख
के
कामयाब
कर
दे
बस
ऐसी
एक
लड़की
की
तलाश
कर
रहा
हूँ
मैं
100rav
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कभी
पूछना
मत
किसे
चाहते
हैं
पता
है
तुझे
हम
तुझे
चाहते
हैं
बुराई
जो
करते
हैं
उसकी
हाँ
मुझ
सेे
ख़बर
है
ये
भी
बस
उसे
चाहते
हैं
न
मुझ
सेे
तू
मिलना
हाँ
घर
पे
ही
रहना
नहीं
तेरे
'आशिक़
नये
चाहते
हैं
हाँ
जाना
है
जा
जीने
की
वज्ह
तो
दे
कभी
तुझ
सेे
लगना
गले
चाहते
हैं
ख़ुदा
मौत
देना
तू
उसके
ही
जाते
ये
यादें
न
उसको
चुभे
चाहते
हैं
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शादी
के
बाद
आई
थी
वो
पास
जो
मैं
बिना
ख़ुशबू
के
फूल
का
करता
क्या
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