hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Zubair Ali Tabish
bichhad kar bhi hooñ zinda rahne vaala
bichhad kar bhi hooñ zinda rahne vaala | बिछड़ कर भी हूँ ज़िंदा रहने वाला
- Zubair Ali Tabish
बिछड़
कर
भी
हूँ
ज़िंदा
रहने
वाला
तू
होता
कौन
है
ये
कहने
वाला
- Zubair Ali Tabish
Download Sher Image
दिल
हिज्र
के
दर्द
से
बोझल
है
अब
आन
मिलो
तो
बेहतर
हो
इस
बात
से
हम
को
क्या
मतलब
ये
कैसे
हो
ये
क्यूँँकर
हो
Ibn E Insha
Send
Download Image
17 Likes
उभर
कर
हिज्र
के
ग़म
से
चुनी
है
ज़िंदगी
हमने
वगरना
हम
जहाँ
पर
थे
वहाँ
पर
ख़ुद-कुशी
भी
थी
Naved sahil
Send
Download Image
23 Likes
हम
कहाँ
और
तुम
कहाँ
जानाँ
हैं
कई
हिज्र
दरमियाँ
जानाँ
Jaun Elia
Send
Download Image
55 Likes
नाम
पे
हम
क़ुर्बान
थे
उस
के
लेकिन
फिर
ये
तौर
हुआ
उस
को
देख
के
रुक
जाना
भी
सब
से
बड़ी
क़ुर्बानी
थी
मुझ
से
बिछड़
कर
भी
वो
लड़की
कितनी
ख़ुश
ख़ुश
रहती
है
उस
लड़की
ने
मुझ
से
बिछड़
कर
मर
जाने
की
ठानी
थी
Read Full
Jaun Elia
Send
Download Image
183 Likes
हिज्र
में
ख़ुद
को
तसल्ली
दी
कहा
कुछ
भी
नहीं
दिल
मगर
हँसने
लगा
आया
बड़ा
कुछ
भी
नहीं
Afkar Alvi
Send
Download Image
51 Likes
अभी
तो
जान
कहता
फिर
रहा
है
तू
तुझे
हम
हिज्र
वाले
साल
पूछेंगे
Parul Singh "Noor"
Send
Download Image
37 Likes
काट
पाऊँगा
मैं
कैसे
ज़िंदगी
तेरे
बग़ैर
तीन
दिन
का
हिज्र
मुझ
को
लग
रहा
है
तीन
साल
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
10 Likes
तू
परिंदा
है
किसी
शाख़
को
घर
कर
लेगा
जो
तेरे
हिज्र
का
मारा
है
किधर
जाएगा
Shadab Javed
Send
Download Image
34 Likes
हिज्र
में
इश्क़
यूँँ
रखा
आबाद
हिचकियाँ
तन्हा
तन्हा
लेते
रहे
Siraj Tonki
Send
Download Image
4 Likes
मुझ
सेे
बिछड़
कर
भी
वो
लड़की
कितनी
ख़ुश
ख़ुश
रहती
है
उस
लड़की
ने
मुझ
सेे
बिछड़
कर
मर
जाने
की
ठानी
थी
Jaun Elia
Send
Download Image
174 Likes
Read More
पहले
मुफ़्त
में
प्यास
बटेगी
बा'द
में
इक-इक
बूँद
बिकेगी
कितने
हसीं
हो
माशा-अल्लाह
तुम
पे
मोहब्बत
ख़ूब
जचेगी
ज़ालिम
बस
इतना
बतला
दे
क्या
रोने
की
छूट
मिलेगी
आज
तो
पत्थर
बाँध
लिया
है
लेकिन
कल
फिर
भूक
लगेगी
मैं
भी
पागल
तू
भी
पागल
हम
दोनों
की
ख़ूब
जमेगी
यार
ने
पानी
फेर
दिया
है
ख़ाक
हमारी
ख़ाक
उड़ेगी
दुनिया
को
ऐसे
भूलूँगा
दुनिया
मुझ
को
याद
करेगी
Read Full
Zubair Ali Tabish
Download Image
30 Likes
मुरली
छूटी
शंख
बजा
रास
तजा
फिर
युद्ध
सजा
क्या
पीछे
क्या
आगे
है
सब
कुछ
राधे
राधे
है
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
114 Likes
हम
इक
ही
लौ
में
जलाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
नई
हवा
से
बचाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
दरअस्ल
उसको
फ़क़त
चाय
ख़त्म
करनी
थी
हम
उसके
कप
को
सुनाते
रहे
ग़ज़ल
अपनी
Read Full
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
66 Likes
हमारा
दिल
तो
हमेशा
से
इक
जगह
पर
है
तुम्हारा
दर्द
ही
रस्ता
भटक
गया
होगा
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
30 Likes
वो
दुल्हन
बन
के
रुख़्सत
हो
गई
है
कहाँ
तक
कार
का
पीछा
करोगे?
Zubair Ali Tabish
Send
Download Image
116 Likes
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Muflisi Shayari
Delhi Shayari
Shaayar Shayari
Hijr Shayari
Shehar Shayari