baithe baithe kaisa dil ghabra jaata hai | बैठे बैठे कैसा दिल घबरा जाता है

  - Zehra Nigaah
बैठेबैठेकैसादिलघबराजाताहै
जानेवालोंकाजानायादजाताहै
बात-चीतमेंजिसकीरवानीमसलहुई
एकनामलेतेमेंकुछरुकसाजाताहै
हँसती-बस्तीराहोंकाख़ुश-बाशमुसाफ़िर
रोज़ीकीभट्टीकाईंधनबनजाताहै
दफ़्तरमंसबदोनोंज़ेहनकोखालेतेहैं
घरवालोंकीक़िस्मतमेंतनरहजाताहै
अबइसघरकीआबादीमेहमानोंपरहै
कोईजाएतोवक़्तगुज़रजाताहै
दफ़्तरमंसबदोनोंज़ेहनकोखालेतेहैं
घरवालोंकीक़िस्मतमेंतनरहजाताहै
अबइसघरकीआबादीमेहमानोंपरहै
कोईजाएतोवक़्तगुज़रजाताहै
  - Zehra Nigaah
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