main chhoo sakoon tujhe meraa khayaal-e-khaam hai kya | मैं छू सकूँ तुझे मेरा ख़याल-ए-ख़ाम है क्या

  - Zeb Ghauri
मैंछूसकूँतुझेमेराख़याल-ए-ख़ामहैक्या
तिराबदनकोईशमशीर-ए-बे-नियामहैक्या
मिरीजगहकोईआईनारखलियाहोता
जानेतेरेतमाशेमेंमेराकामहैक्या
असीर-ए-ख़ाकमुझेकरकेतूनिहालसही
निगाहडालकेतोदेखज़ेर-ए-दामहैक्या
येडूबतीहुईक्याशयहैतेरीआँखोंमें
तिरेलबोंपेजोरौशनहैउसकानामहैक्या
मुझेबतामैंतिरीख़ाकअबकहाँरखदूँ
कि'ज़ेब'अर्ज़-ओ-समामेंतिरामक़ामहैक्या
  - Zeb Ghauri
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