vaqt ke badlne men der kitnii lagti hai | वक़्त के बदलने में देर कितनी लगती है

  - Zain Zulfiqar
वक़्तकेबदलनेमेंदेरकितनीलगतीहै
इकचराग़जलनेमेंदेरकितनीलगतीहै
तुझकोज़ो'महैअपनेहुस्नपरबहुतलेकिन
दिलकशीकोढलनेमेंदेरकितनीलगतीहै
इसमुसाबक़तमेंहमगिरकभीगएतोक्या
गिरकेफिरसँभलनेमेंदेरकितनीलगतीहै
आशिक़ीकेदावोंकोसचभीमानलेंतोक्या
रास्ताबदलनेमेंदेरकितनीलगतीहै
सरउठाएफिरताहैक्यूँतूफ़ानीदुनियामें
साँसकेनिकलनेमेंदेरकितनीलगतीहै
बे-वफ़ाहैवोमानापरवोलौटआएतो
'ज़ैन'दिलपिघलनेमेंदेरकितनीलगतीहै
  - Zain Zulfiqar
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