dhooñdhne gar lago to kya nahin milta | ढूँढने गर लगो तो क्या नहीं मिलता

  - Zain Zulfiqar
ढूँढनेगरलगोतोक्यानहींमिलता
हाँमगरफिरभीमनचाहानहींमिलता
हैमुयस्सरउसेक़ीमतनहींइकहम
जिससेवोएकभीलम्हानहींमिलता
इश्क़कोचाहिएख़ून-ए-जिगरधड़कन
सबकोयेमुफ़्तमेंतोहफ़ानहींमिलता
जोभीलिपटातेरीनाज़ुकसीबाँहोंमें
फिरवोबंदाकभीज़िंदानहींमिलता
किसकीतक़दीरमेंआएतेरीज़ुल्फ़ें
इश्क़मेंसबकोयेदर्जानहींमिलता
तजरबोंसेयेसीखाहैसबक़मैंने
राह-ए-रबमेंकभीधोकानहींमिलता
'ज़ैन'उम्मीदपरक़ाएमहैदुनियापर
सब्रकाफलयहाँअच्छानहींमिलता
  - Zain Zulfiqar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy