thakna bhi laazmi tha kuchh kaam karte karte | थकना भी लाज़मी था कुछ काम करते करते

  - Zafar Iqbal
थकनाभीलाज़मीथाकुछकामकरतेकरते
कुछऔरथकगयाहूँआरामकरतेकरते
अंदरसबगयाहैबाहरकाभीअँधेरा
ख़ुदरातहोगयाहूँमैंशामकरतेकरते
येउम्रथीहीऐसीजैसीगुज़ारदीहै
बदनामहोतेहोतेबदनामकरतेकरते
फँसतानहींपरिंदाहैभीइसीफ़ज़ामें
तंगगयाहूँदिलकोयूँँदामकरतेकरते
कुछबे-ख़बरनहींथेजोजानतेहैंमुझको
मैंकूचकररहाथाबिसरामकरतेकरते
सरसेगुज़रगयाहैपानीतोज़ोरकरता
सबरोकरुकतेरुकतेसबथामकरतेकरते
किसकेतवाफ़मेंथेऔरयेदिनगएहैं
क्याख़ाकथीकिजिसकोएहरामकरतेकरते
जिसमोड़सेचलेथेपहुँचेहैंफिरवहींपर
इकराएगाँसफ़रकोअंजामकरतेकरते
आख़िर'ज़फ़र'हुआहूँमंज़रसेख़ुदहीग़ाएब
उस्लूब-ए-ख़ासअपनामैंआमकरतेकरते
  - Zafar Iqbal
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