ज़िंदा-बाशऐइंक़लाबऐशोला-ए-फ़ानूस-ए-हिन्द
गर्मियाँजिसकीफ़रोग़-ए-मंक़ल-ए-जाँहोगईं
बस्तियोंपरछारहीथींमौतकीख़ामोशियाँ
तूनेसूरअपनाजोफूँकामहशरिस्ताँहोगईं
जितनीबूँदेंथींशहीदान-ए-वतनकेख़ूनकी
क़स्र-आज़ादीकीआराइशकासामाँहोगईं
मर्हबाऐनौ-गिरफ़्तारान-ए-बेदाद-ए-फ़रंग
जिनकीज़ंजीरेंख़रोश-अफ़ज़ा-ए-ज़िंदाँहोगईं
ज़िंदगीउनकीहैदीनउनकाहैदुनियाउनकीहै
जिनकीजानेंक़ौमकीइज़्ज़तपेक़ुर्बांहोगईं