tu kabhi raaton ki tanhaaii men mere paas aa | तू कभी रातों की तन्हाई में मेरे पास आ

  - Yusuf Kamran
तूकभीरातोंकीतन्हाईमेंमेरेपास
मेरेकानोंसेमिरीख़ामोशियोंकेसाज़सुन
तूमिरीआवाज़सुन
मेरीआँखोंमेंमचलतेमोतियोंकेरंगदेख
तूकभीक़ल्ब-ओ-नज़रकीजंगदेख
देखमैंकिनएहतियातोंकेसुनहरीजालको
दर्दमेंडूबीहुईछाँवकेइसजंजालको
आरज़ूओंकेझरोकोंमेंसुलगतीहड्डियोंकेगिर्दचिमटाएहुए
ख़्वाहिशोंकीआगकोफिरध्यानकीचुनरीमेंकफ़्नाएहुए
मुंतज़िरहूँफिरउसीआवाज़का
ज़िंदगीकेसाज़का
तूकभीरातोंकीतन्हाईमेंमेरेपास
  - Yusuf Kamran
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