bahut shaadaab tha raftaar-e-jaan se | बहुत शादाब था रफ़्तार-ए-जाँ से

  - Yawar Diwana
बहुतशादाबथारफ़्तार-ए-जाँसे
मुसाफ़िरथकगयाहैकारवाँसे
दिल-ए-ख़ुश-कामतेरीख़ुश-मिज़ाजी
बढ़ाईजारहीलुत्फ़-ए-ज़ियाँसे
ख़लाओंकेसमुंदरमेंगिरेहैं
सदाएँलौटकरआएँकहाँसे
मैंअपनेसाथजिसकोढोरहाहूँ
बिछड़ताजारहाअहल-ए-जहाँसे
ज़मींकीधुनमेंउतराआसमाँसे
सितारामिटगयाख़ुददास्ताँसे
  - Yawar Diwana
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