mujhe aagahi ka nishaan samajh ke mitao mat | मुझे आगही का निशाँ समझ के मिटाओ मत

  - Yasmeen Hameed
मुझेआगहीकानिशाँसमझकेमिटाओमत
येचराग़जलनेलगाहैइसकोबुझाओमत
मुझेजागनाहैतमामउम्रइसीतरह
मुझेसुब्ह-ओ-शामकेसिलसिलेमेंमिलाओमत
मुझेइल्महैमिरेख़ाल-ओ-ख़दमेंकमीहैक्या
मुझेआइनेकातिलिस्मकोईदिखाओमत
मैंख़ुलूस-ए-दिलकीबुलंदियोंकेसफ़रपेहूँ
मुझेदास्तान-ए-फ़रेबकोईसुनाओमत
मुझेदेखलेनेदोसुब्ह-ए-फ़र्दाकीरौशनी
मिरीआँखसेअभीहाथअपनाहटाओमत
वहीपेड़हैवहीशाख़हैवहीनामहै
जोगिराहैफूलयहाँसेउसकोउठाओमत
मुझेतहमेंजाकेउछालनेहैंगुहरकई
मैंहूँमुतमइनमुझेडूबनेसेबचाओमत
तुम्हेंबे-मक़ामरफ़ाक़तोंकीतलाशहै
मिराशहरशहर-ए-सबातहैयहाँआओमत
  - Yasmeen Hameed
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy