jahaan baat wahdat ki gahri rahegi | जहाँ बात वहदत की गहरी रहेगी

  - Yasin Ali Khan Markaz
जहाँबातवहदतकीगहरीरहेगी
वहाँफ़िक्रअपनीतेरीरहेगी
लजाजतअमीरोंसेयक-दमउठादे
क़नाअ'तसेअपनीफ़क़ीरीरहेगी
जीनेकीख़्वाहिशमरनेकाग़महै
जोहालतहैअपनीवोठहरीरहेगी
मुजल्लाहुआजबसेदिलहैहमारा
मरक़दमेंअपनेअँधेरीरहेगी
घमंडहरतरहकरनाज़ेबानहींहै
जवानीकिसीकीपीरीरहेगी
ख़ुदाईकीक़ुदरतख़ुदीसेहै'मरकज़'
मुक़ल्लिदहैंजबतकअसीरीरहेगी
  - Yasin Ali Khan Markaz
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