आपकोभूलकेमैंयाद-ए-ख़ुदाकरताहूँ
ख़ुदअनाकहताहूँमौजूदबक़ाकरताहूँ
कुफ्र-ओ-इस्लामकामूजिदहुआबंदाहोकर
फिरवोमैंकौनहूँजोख़ुदहूँकहाकरताहूँ
इल्म-ए-आ'दादसेहोताहैहिजाब-ए-अकबर
एकहरहालमेंहूँकुलमेंरहाकरताहूँ
हूँबसारतमेंनिहाँउज़्रहैबीनाईका
रोज़-ए-रौशनमेंहीख़ुदआपरहाकरताहूँ
बे-समझनामख़ुदाकावोलियाकरतेहैं
पूछताहूँतोयेकहतेहैंसुनाकरताहूँ
जिस्म-ए-ख़ाकीनसमझयारकाबसजल्वाहै
यादऔरभूलसेमैंदिलकोज़ियाकरताहूँ
मैंसमझताहूँख़ुदाआपकोबंदाबनकर
हाँइसीशानका'मरकज़'हूँकहाकरताहूँ