hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Yashvardhan Mishra 'Hind'
rang saare aa ga.e aariz pe mere
rang saare aa ga.e aariz pe mere | रंग सारे आ गए आरिज़ पे मेरे
- Yashvardhan Mishra 'Hind'
रंग
सारे
आ
गए
आरिज़
पे
मेरे
जब
कहा
उस
ने
मुझे
होली
मुबारक
- Yashvardhan Mishra 'Hind'
Download Sher Image
रंग
बदला
यार
ने
वो
प्यार
की
बातें
गईं
वो
मुलाक़ातें
गईं
वो
चाँदनी
रातें
गईं
Hafeez Jalandhari
Send
Download Image
24 Likes
ये
जिस्म
तंग
है
सीने
में
भी
लहू
कम
है
दिल
अब
वो
फूल
है
जिस
में
कि
रंग-ओ-बू
कम
है
Pallav Mishra
Send
Download Image
23 Likes
दोनों
हाथों
को
तेरे
हाथ
समझ
कर
जानाँ
अपने
गालों
पे
ख़ुद
ही
रंग
लगाया
मैंने
Upendra Bajpai
Send
Download Image
4 Likes
हमें
पसंद
सही
अब
ये
रंग
मत
पहनो
पराए
तन
पे
हमारी
उमंग
मत
पहनो
हमारी
रूह
पे
पड़ती
हैं
बदनुमा
शिकनें
लिबास
पहनो
मगर
इतना
तंग
मत
पहनो
Read Full
Liyaqat Ali Aasim
Send
Download Image
23 Likes
क़ौम-ओ-मज़हब
क्या
किसी
का
और
क्या
है
रंग-ओ-नस्ल
ऐसी
बातें
छोड़
कर
बस
इल्म-ओ-फ़न
की
बात
हो
Sayan quraishi
Send
Download Image
18 Likes
इश्क़
के
रंग
में
ऐ
मेरे
यार
रंग
आया
फिर
आज
रंगों
का
तेहवार
रंग
हो
गुलाबी
या
हो
लाल
पीला
हरा
आ
लगा
दूँ
तुझे
भी
मैं
दो
चार
रंग
Read Full
Afzal Ali Afzal
Send
Download Image
33 Likes
दिल
की
दीवार
पर
सिवा
उस
के
रंग
दूजा
कोई
चढ़ा
ही
नहीं
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
25 Likes
जो
कुछ
मता-ए-हुनर
हो
तो
सामने
लाओ
कि
ये
ज़माना-ए-इज़हार-ए-नस्ल-ओ-रंग
नहीं
Akbar Ali Khan Arshi Zadah
Send
Download Image
12 Likes
ऐ
दिल
की
ख़लिश
चल
यूँँही
सही
चलता
तो
हूँ
उन
की
महफ़िल
में
उस
वक़्त
मुझे
चौंका
देना
जब
रंग
पे
महफ़िल
आ
जाए
Behzad Lakhnavi
Send
Download Image
21 Likes
कभी
इश्क़
करो
और
फिर
देखो
इस
आग
में
जलते
रहने
से
कभी
दिल
पर
आँच
नहीं
आती
कभी
रंग
ख़राब
नहीं
होता
Saleem Kausar
Send
Download Image
37 Likes
Read More
जब
मैं
जगने
वाला
होता
हूँ
जानाँ
ठीक
तभी
क्यूँँ
ख़्वाब
तुम्हारा
आता
है
Yashvardhan Mishra 'Hind'
Send
Download Image
1 Like
जब
बनाया
सभी
ने
तमाशा
हमें
वक़्त
ने
ही
सिखाया
सलीक़ा
हमें
ज़िंदगी
में
कभी
कुछ
मिला
ही
नहीं
चाहिए
था
सभी
कुछ
ही
पूरा
हमें
छत
है
दीवार
है
हिज्र
है
दर्द
भी
अब
फ़क़त
चाहिए
एक
शाना
हमें
काट
लूँ
पेड़
पहले
बियाबान
के
फिर
उठाना
है
अपना
जनाज़ा
हमें
Read Full
Yashvardhan Mishra 'Hind'
Download Image
1 Like
हम
तिरा
नाम
बेंच
पर
अपनी
रोज़
लिखते
हैं
और
मिटाते
हैं
Yashvardhan Mishra 'Hind'
Send
Download Image
1 Like
अगरचे
सही
ये
ज़माना
नहीं
है
यहाँ
फिर
हमारा
ठिकाना
नहीं
है
किराया
ज़ियादा
नहीं
है
वहाँ
का
मगर
यार
हम
को
चुकाना
नहीं
है
कहानी
बड़ी
है
मेरी
ज़िंदगी
की
सुनो
अब
मुझे
मुस्कुराना
नहीं
है
शब-ए-हिज्र
में
अश्क
ज़्यादा
बहा
है
हक़ीक़त
यही
है
फ़साना
नहीं
है
नहीं
कर
रहा
फ़ोन
उस
बे-वफ़ा
को
बिज़ी
फ़ोन
नंबर
मिलाना
नहीं
है
Read Full
Yashvardhan Mishra 'Hind'
Download Image
1 Like
आज
निकले
हैं
तिरे
दीदार
को
तू
गिरा
दे
शर्म
की
दीवार
को
वो
अगर
तस्वीर
अपनी
भेज
दें
फ़ील
मिलता
फिर
सही
बीमार
को
शहर
जिस
दिन
मैं
चला
फिर
ले
लिया
मैंने
अपने
साथ
घर
के
प्यार
को
याद
हम
को
है
अभी
भी
वो
घड़ी
मैंने
छोड़ा
था
अना
में
चार
को
फ़ोन
नंबर
और
फ़ोटो
सब
दिया
ब्लॉक
जाने
क्यूँ
किया
फिर
यार
को
Read Full
Yashvardhan Mishra 'Hind'
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Love Shayari
Bekhayali Shayari
Justice Shayari
Mahatma Gandhi Shayari
Rahbar Shayari