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Yashvardhan Mishra 'Hind'
aaj nikle hain tire deedaar ko
aaj nikle hain tire deedaar ko | आज निकले हैं तिरे दीदार को
- Yashvardhan Mishra 'Hind'
आज
निकले
हैं
तिरे
दीदार
को
तू
गिरा
दे
शर्म
की
दीवार
को
वो
अगर
तस्वीर
अपनी
भेज
दें
फ़ील
मिलता
फिर
सही
बीमार
को
शहर
जिस
दिन
मैं
चला
फिर
ले
लिया
मैंने
अपने
साथ
घर
के
प्यार
को
याद
हम
को
है
अभी
भी
वो
घड़ी
मैंने
छोड़ा
था
अना
में
चार
को
फ़ोन
नंबर
और
फ़ोटो
सब
दिया
ब्लॉक
जाने
क्यूँ
किया
फिर
यार
को
- Yashvardhan Mishra 'Hind'
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वहम
मुझको
ये
भाता
है
अभी
मेरी
दीवानी
है
मगर
मेरी
दीवानी
थी
मियाँ
पहले
बहुत
पहले
Anand Raj Singh
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यार
आसान
होती
नहीं
यह
कला
मौन
रहना
बड़ी
ही
चुनौती
रही
Aniket sagar
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मैं
ख़ुद
भी
यार
तुझे
भूलने
के
हक़
में
हूँ
मगर
जो
बीच
में
कम-बख़्त
शा'इरी
है
ना
Afzal Khan
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तिलिस्म-ए-यार
ये
पहलू
निकाल
लेता
है
कि
पत्थरों
से
भी
ख़ुशबू
निकाल
लेता
है
है
बे-लिहाज़
कुछ
ऐसा
की
आँख
लगते
ही
वो
सर
के
नीचे
से
बाजू
निकाल
लेता
है
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Tehzeeb Hafi
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रुख़्सार
का
दे
शर्त
नहीं
बोसा-ए-लब
से
जो
जी
में
तिरे
आए
सो
दे
यार
मगर
दे
Maatam Fazl Mohammad
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उनके
गेसू
खुलें
तो
यार
बने
बात
मेरी
इक
रबर
बैंड
ने
जकड़ी
हुई
है
रात
मेरी
Zubair Ali Tabish
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तन्हाई
ये
तंज
करे
है
तन्हा
क्यूँ
है
यार
कहाँ
है
आगे
पीछे
चलने
वाले
Vishal Singh Tabish
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उसको
जो
कुछ
भी
कहूँ
अच्छा
बुरा
कुछ
न
करे
यार
मेरा
है
मगर
काम
मेरा
कुछ
न
करे
दूसरी
बार
भी
पड़
जाए
अगर
कुछ
करना
आदमी
पहली
मोहब्बत
के
सिवा
कुछ
न
करे
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Abid Malik
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हम
को
यारों
ने
याद
भी
न
रखा
'जौन'
यारों
के
यार
थे
हम
तो
Jaun Elia
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सख़्त
सर्दी
में
ठिठुरती
है
बहुत
रूह
मिरी
जिस्म-ए-यार
आ
कि
बेचारी
को
सहारा
मिल
जाए
Farhat Ehsaas
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धन्य
अपने
आप
को
समझे
धरा
वो
जिस
जगह
भी
पाँव
मेरे
राम
रक्खें
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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साँवली
है
शाम
बिल्कुल
आप
सी
आ
गई
है
बाल
खोले
देखिए
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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इस
से
पहले
भी
दिया
जलता
था
पर
घर
हुआ
रौशन
तुम्हारे
आने
से
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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रात
दिन
जिस
को
तू
हर
दम
सोचती
है
क्या
वही
इक
शख़्स
तेरी
ज़िंदगी
है
देख
कर
तस्वीर
तेरी
सोचता
हूँ
ईद
से
पहले
मुझे
ईदी
मिली
है
रात
सारी
कट
गई
ये
सोचने
में
क्या
उसे
मुझ
से
मोहब्बत
आज
भी
है
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Yashvardhan Mishra 'Hind'
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तुम्हारे
बिन
नहीं
लेते
कभी
करवट
अकेले
हम
तुम्हारी
याद
भी
करवट
हमारे
साथ
लेती
है
Yashvardhan Mishra 'Hind'
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