बंदघरकेकमरेकीरौशनीनहींअच्छी
औरजानहिजरतकीतीरगीनहींअच्छी
छोड़करयहाँमुझकोजारहाहैतूशायद
बिनतेरेजोजीनीहैज़िंदगीनहींअच्छी
बोलतीहैयेइनकोरोकनानहींजानाँ
झीलजैसीआँखोंकीख़ामुशीनहींअच्छी
ग़मसहें,रहेंतन्हाआजिज़ीकरेंलेकिन
इश्क़तेरेचेहरेपरबेबसीनहींअच्छी
मानताहूँअबतुममेंताब-ए-ग़मनहींहैपर
जन्मदिनपेयशवर्धनख़ुद-कुशीनहींअच्छी