tere altaaf ka lutf uthaate rahe | तेरे अल्ताफ़ का लुत्फ़ उठाते रहे

  - Yashpal Gupta
तेरेअल्ताफ़कालुत्फ़उठातेरहे
नूरबरसाकियाहमनहातेरहे
कौनथावोख़ुदायाख़ुदाकाजमाल
मनहीमनमेंपहेलीबुझातेरहे
येसमझकरफ़क़ीरीहीमेंहैख़ुदा
गुनहमेशाफ़क़ीरोंकेगातेरहे
राज़हक़-आश्नाकाखुलाजबकभी
बादशहतकहुज़ूरीमेंआतेरहे
हमनेसहरामेंतन्हाजलायादिया
फिरसदाआँधियोंसेबचातेरहे
सब्रकीजुस्तुजूमेंफिरेदर-ब-दर
'यश'गदागरसेयेफ़ैज़पातेरहे
  - Yashpal Gupta
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