husool-e-rizq ke armaan nikaalte guzri | हुसूल-ए-रिज़्क़ के अरमाँ निकालते गुज़री

  - Yaqoob Tasawwur
हुसूल-ए-रिज़्क़केअरमाँनिकालतेगुज़री
हयातरेतसेसिक्केहीढालतेगुज़री
मुसाफ़िरतकीसऊबतमेंउम्रबीतगई
बचीतोपाँवसेकाँटेनिकालतेगुज़री
हवानेजश्नमनाएवोइंतिज़ारकीरात
चराग़-ए-हुजरा-ए-फुर्क़तसँभालतेगुज़री
वोतेज़लहरतोहाथोंसेलेगईकश्ती
फिरउसकेबा'दसमुंदरखँगालतेगुज़री
रसाईजिसकीथीबे-कराँसमुंदरतक
वोमौज-ए-नहरभीछींटेउछालतेगुज़री
यहीनहींकिसितारेथेदस्तरससेबईद
ज़राज़रासेतमन्नाभीटालतेगुज़री
तमामउम्र'तसव्वुर'रिदा-ए-बख़्त-ए-सियाह
मशक़्क़तोंकेलहूसेउजालतेगुज़री
  - Yaqoob Tasawwur
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