kis qadar KHush tha kabhi yaaron ke beech | किस क़दर ख़ुश था कभी यारों के बीच

  - Yaqoob Parwaz
किसक़दरख़ुशथाकभीयारोंकेबीच
अबतरसताहूँमैंख़र-कारोंकेबीच
कुछख़बरभीहैमिरीकुटियातुझे
घिरगईहैकितनेज़रदारोंकेबीच
देखकरदुश्मनमिरारोनेलगा
खिलखिलायामैंजोअँगारोंकेबीच
क्याकरेगासरपकड़नेकेसिवा
इकमसीहाइतनेबीमारोंकेबीच
जानेक्यूँँदीवारटेढ़ीहोगई
औरवोभीइतनेमें'मारोंकेबीच
मेरागिर्याराएगाँजानेलगा
क्याहुआहासिलरिया-कारोंकेबीच
रहसकेंगीकिसतरहपरवाज़ख़ुश
चंदसाँसेंइतनेआज़ारोंकेबीच
  - Yaqoob Parwaz
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