नचारा-गरनमसीहानराहबरथामैं
नज़रमेंफिरभीज़मानेकीमो'तबरथामैं
अनापेहर्फ़नआजाएहक़-परस्तोंकी
उठाएअपनेहीनेज़ेपेअपनासरथामैं
सवालयेनहींकिसनेकियाथाक़त्लमुझे
सवालयेहैकिक्यूँँख़ुदसेबे-ख़बरथामैं
जोसुब्ह-ए-नौकाअसीरीमेंदेरहाथापयाम
वोइंक़िलाब-ए-ज़मानाकानामा-बरथामैं
सुकून-ए-दिलभीमिलाआबलोंकीलज़्ज़तभी
तुम्हारेसाथसफ़रमेंजोहम-सफ़रथामैं
हुएथेपस्तहवाओंकेहौसले'आरिफ़'
जबअपनेखोलेफ़ज़ाओंमेंबाल-ओ-परथामैं