अजलहोतीरहेगीइश्क़करकेमुल्तवीकबतक
मुक़द्दरमेंहैयारबआरज़ू-ए-ख़ुदकुशीकबतक
तड़पनेपरहमारेआपरोकेंगेहँसीकबतक
येमाथेकीशिकनकबतकयेअबरूकीकजीकबतक
किरनफूटीउफ़ुक़परआफ़्ताब-ए-सुब्ह-ए-महशरकी
सुनाएजाओअपनीदास्तान-ए-ज़िंदगीकबतक
दयार-ए-इश्क़मेंइकक़ल्ब-ए-सोज़ाँछोड़आएथे
जलाईथीजोहमनेशम्अ'रस्तेमेंजलीकबतक
जोतुमपर्दाउठादेतेतोआँखेंबंदहोजातीं
तजल्लीसामनेआतीतोदुनियादेखतीकबतक
तह-ए-गिर्दाबकीभीफ़िक्रकरऐडूबनेवाले
नज़रआतीरहेगीसाहिलोंकीरौशनीकबतक
कभीतोज़िंदगीख़ुदभीइलाज-ए-ज़िंदगीकरती
अजलकरतीरहेदरमान-ए-दर्द-ए-ज़िंदगीकबतक
वोदिननज़दीकहैंजबआदमीशैताँसेखेलेगा
खिलौनाबनकेशैताँकारहेगाआदमीकबतक
कभीतोयेफ़साद-ए-ज़ेहनकीदीवारटूटेगी
अरेआख़िरयेफ़र्क़-ए-ख़्वाजगी-ओ-बंदगीकबतक
दयार-ए-इश्क़मेंपहचाननेवालेनहींमिलते
इलाहीमैंरहूँअपनेवतनमेंअजनबीकबतक
मुख़ातबकरकेअपनेदिलकोकहनाहोतोकुछकहिए
'सबा'उसबे-वफ़ाकेआसरेपरशा'इरीकबतक