मैंएककाँचकापैकरवोशख़्सपत्थरथा
सोपाशपाशतोहोनामिरामुक़द्दरथा
तमामरातसहरकीदुआएँमाँगीथीं
खुलीजोआँखतोसूरजहमारेसरपरथा
चराग़-ए-राह-ए-मोहब्बतहीबनगएहोते
तमामउम्रकाजलनाअगरमुक़द्दरथा
फ़सील-ए-शहरपेकितनेचराग़थेरौशन
सियाहरातकापहरादिलोंकेअंदरथा
अगरचेख़ाना-बदोशीहैख़ुशबुओंकामिज़ाज
मिरामकानतोकलरातभीमोअत्तरथा
समुंदरोंकेसफ़रमेंवोप्यासकाआलम
किफ़र्श-ए-आबपेइककर्बलाकामंज़रथा
इसीसबबतोबढ़ाए'तिबार-ए-लग़्ज़िश-ए-पा
हमाराजोश-ए-जुनूँआगहीकारहबरथा
जोमाहताबहिसार-ए-शब-ए-सियाहमेंहै
कभीवोरातकेसीनेपेमिस्ल-ए-ख़ंजरथा
मैंउसज़मींकेलिएफूलचुनरहाहूँ'रईस'
मिरानसीबजहाँबे-अमाँसमुंदरथा