क्याक्याहैंगिलेउसकोबताक्यूँँनहींदेता
ताज़ीर-ए-ख़तामुझकोसुनाक्यूँँनहींदेता
हैंनावक-ए-दिल-दोज़मिरेयारकेतेवर
इकबारवोसबतीरचलाक्यूँँनहींदेता
यक-तरफ़ामोहब्बतकेतज़ब्ज़ुबसेतोनिकलूँ
इसराज़सेपर्दावोहटाक्यूँँनहींदेता
लिखताभीहैमुझकोसर-ए-क़िरतास-ए-मोहब्बत
मज़्मूमजोलगताहूँमिटाक्यूँँनहींदेता
इतनाहीफ़सुर्दाहैअगरहालपेमेरे
जल्वाकभीअपनावोदिखाक्यूँँनहींदेता
सर-गर्म-ए-सफ़रहूँमैंतिरेदश्तमेंकबसे
मुझकोमिरीमंज़िलकापताक्यूँँनहींदेता
ख़्वाबीदा-नसीबीभीतोतेरीहीअताहै
सोईमिरीतक़दीरजगाक्यूँँनहींदेता
जोताब-ए-तमाशाहीनहींउसमें'रज़ा'तू
वोआतिश-ए-फ़ुर्क़तकोबुझाक्यूँँनहींदेता