नज़रनज़रमेंअदा-ए-जमालरखतेथे
हमएकशख़्सकाकितनाख़यालरखतेथे
जबींपेआनेनदेतेथेइकशिकनभीकभी
अगरचेदिलमेंहज़ारोंमलालरखतेथे
ख़ुशीउसीकीहमेशानज़रमेंरहतीथी
औरअपनीक़ुव्वत-ए-ग़मभीबहालरखतेथे
बसइश्तियाक़-ए-तकल्लुममेंबार-हाहमलोग
जवाबदिलमेंज़बाँपरसवालरखतेथे
उसीसेकरतेथेहमरोज़ओशबकाअंदाज़ा
ज़मींपेरहकेवोसूरजकीचालरखतेथे
जुनूँकाजाममोहब्बतकीमयख़िरदकाख़ुमार
हमींथेवोजोयेसारेकमालरखतेथे
छुपाकेअपनीसिसकतीसुलगतीसोचोंसे
मोहब्बतोंकेउरूजओज़वालरखतेथे
कुछउनकाहुस्नभीथामावरामिसालोंसे
कुछअपनाइश्क़भीहमबे-मिसालरखतेथे
ख़तानहींजोखिलेफूलराह-ए-सरसरमें
येजुर्महैकिवोफ़िक्र-ए-मआलरखतेथे