मैंनएनक़्श-ओ-निगारबनानाचाहताथा
हुस्नकीहश्र-सामानियाँपेंटकरनेकीख़्वाहिश
मेरेलहूमेंसरसरातीथी
अल्हड़जिस्मोंकेज़ाविए
मेरेमू-क़लमकोअपनीजानिबखींचतेथे
आँखोंकीगहराइयोंमेंबहतेहुएख़त
मुझेबेताबकरतेथे
मोहब्बतकीनज़्मोंकीतख़्लीक़पर
मुझेमुसव्विरबनानेपरतुलेहुएथे
हँसतेहुएरुख़्सारोंमेंबनतेहुएडिम्पल
मगर
मैंमजबूरकरदियागया
जलतेहुएशहरकीतस्वीर-कारीपर
मस्ख़-शुदाचेहरोंकीशनाख़्तकेलिए
फूलोंऔरबच्चोंकेनौहेलिखनेपर
क़दीमलफ़्ज़ोंकोनईमा'नविय्यतदेनेकेलिए
मुझेएकज़िंदगीदानकरनापड़ी