hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Top 10 of
Ashutosh Kumar "Baagi"
Top 10 of
Ashutosh Kumar "Baagi"
इश्क़
पहले
बना
था
जाने
जाँ
नींद
की
गोलियाँ
बनीं
थीं
फिर
Ashutosh Kumar "Baagi"
10
Send
Download Image
13 Likes
है
बहुत
लंबी
ज़िन्दगी
मेरी
हाँ,
मेरे
कान
तक
तो
आती
है
Ashutosh Kumar "Baagi"
9
Send
Download Image
3 Likes
उसे
अपना
बनाना
चाहता
था
यही
सारा
ज़माना
चाहता
था
अब
इक
तस्वीर
बनकर
रह
गया
हूँ
हमेशा
मुस्कुराना
चाहता
था
बस
इक
ज़रिया
थी
मेरी
ख़ुद-कुशी
जाँ
मैं
उसका
दिल
दुखाना
चाहता
था
क़ज़ा
से
डर
नहीं
लगता
है
लेकिन
ज़रा
बस
शायराना
चाहता
था
जो
लड़का
रह
गया
मुनकिर
ही
होकर
ख़ुदा
तुमको
बनाना
चाहता
था
Read Full
Ashutosh Kumar "Baagi"
8
Download Image
2 Likes
हम
कि
जिस
दौर
से
गुज़र
आए
आप
उस
दौर
में
गुज़र
जाते
Ashutosh Kumar "Baagi"
7
Send
Download Image
6 Likes
दर्द
में
आ
रहा
मज़ा
साहब
तुमने
ऐसा
है
क्या
किया
साहब
ख़िज़्र
की
उम्र
भी
अता
कर
दी
फिर
तेरा
हिज्र
भी
दिया
साहब
अब
नहीं
बोलते
मेरे
हक़
में
बन
गए
तुम
भी
अब
ख़ुदा
साहब
हाथ
छूटे
नहीं
कभी
अपने
उम्र
भर
हम
रहे
जुदा
साहब
मुझको
छोड़ा
मेरी
ख़ुशी
के
लिए
ग़म
इसी
बात
का
रहा
साहब
मुझको
अब
आप
बस
दु'आ
दीजे
काम
आई
न
कुछ
दवा
साहब
उसकी
ग़लती
थी
इश्क़
कर
बैठा
वरना
था
आदमी
भला
साहब
ख़ुशनसीबी
है
तुम
सेे
इश्क़
हुआ
और
ये
ही
मेरी
सज़ा
साहब
Read Full
Ashutosh Kumar "Baagi"
6
Download Image
2 Likes
दिल
हुआ
करता
था
पहले,
अब
कहाँ
बाक़ी
रहा
जल
गए
अरमान
सारे,
बस
धुआँ
बाक़ी
रहा
हम
कहो
क्या
क्या
बताएँ,
क्या
है
खोया
इश्क़
में
ये
जहाँ
बाक़ी
रहा
ना
वो
जहाँ
बाक़ी
रहा
Read Full
Ashutosh Kumar "Baagi"
5
Send
Download Image
16 Likes
यार
दिखावे
का
ग़म
मेरा
मुझ
को
सच
में
खा
जाएगा
Ashutosh Kumar "Baagi"
4
Send
Download Image
2 Likes
तुम्हारा
जान
कर,
अपना
समझ
कर,
चूम
लेता
हूँ
मुझे
क्या
है,
ये
लब
किसके
हैं,
ये
रुख़्सार
किसका
है?
Ashutosh Kumar "Baagi"
3
Send
Download Image
3 Likes
हम
ने
छोड़ा
तुम्हें
था
कह
देंगे
ख़ुश
रहो
तुम
रक़ीब
शाद
रहे
Ashutosh Kumar "Baagi"
2
Send
Download Image
7 Likes
बस
यही
बात
मुझको
खलती
है
क्यूँँ
भला
साँस
मेरी
चलती
है
एक
रस्ता
है
ख़ुद-कुशी
अब
तो
अब
ये
वहशत
नहीं
सँभलती
है
हाए
ये
चाँद
क्यूँँ
नहीं
मरता
हाए
ये
धूप
क्यूँँ
निकलती
है
इश्क़
आता
नहीं
कभी
तन्हा
इक
उदासी
भी
साथ
चलती
है
मेरी
बाहों
में
जो
बहलती
थी
किसकी
बाहों
में
अब
मचलती
है
पाँव
में
बाँध
कर
नई
पायल
ख़ामुशी
छत
पे
क्यूँँ
टहलती
है
जुगनुओं
तुम
ही
मुझको
बतलाओ
रात
कपड़े
कहाँ
बदलती
है
Read Full
Ashutosh Kumar "Baagi"
1
Download Image
9 Likes
Get Shayari on your Whatsapp
Sagar Sahab Badayuni
Sahil Verma
Salma Malik
Brajnabh Pandey
Amit Gautam
Manish watan
AMAN RAJ SINHA
Pawan
Saniya Tasnim
ZafarAli Memon