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Avinash Chaudhary
musalsal tak rahe hai kaan usko
musalsal tak rahe hai kaan usko | मुसलसल तक रहे है कान उसको
- Avinash Chaudhary
मुसलसल
तक
रहे
है
कान
उसको
कोई
इतना
भी
सादा
बोलता
है?
- Avinash Chaudhary
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तुम्हें
इक
मश्वरा
दूँ
सादगी
से
कह
दो
दिल
की
बात
बहुत
तैयारियाँ
करने
में
गाड़ी
छूट
जाती
है
Zubair Ali Tabish
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सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
Josh Malihabadi
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आपकी
सादा
दिली
ख़ुद
आपकी
तौहीन
है
हुस्न
वालों
को
ज़रा
मग़रूर
होना
चाहिए
Abbas Qamar
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न
पूछो
मुझ
सेे
कैसी
लगती
हूँ
मैं
'नीर'
साड़ी
में
किसे
अच्छे
नहीं
लगते
मिरी
जाँ
गाने
नुसरत
के
Neeraj Neer
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कैसे
दिल
का
हाल
सही
हो
सकता
है
जब-तब
यूँँ
तुम
साड़ी
में
दिख
जाओगी
Tanha
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हुस्न
उनका
सादगी
में
कुछ
अलग
महका
किया
मैंने
धड़कन
से
कहा
धड़को
मगर
आराम
से
Ishq Allahabadi
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उस
के
चेहरे
की
चमक
के
सामने
सादा
लगा
आसमाँ
पे
चाँद
पूरा
था
मगर
आधा
लगा
Iftikhar Naseem
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फ़रेब
दे
गया
इस
सादगी
से
वो
मुझको
कि
जुर्म
सारा
ही
मजबूरियों
के
सर
आया
Harsh saxena
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सुबूत
है
ये
मोहब्बत
की
सादा-लौही
का
जब
उस
ने
वा'दा
किया
हम
ने
ए'तिबार
किया
Josh Malihabadi
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शबो
रोज़
की
चाकरी
ज़िन्दगी
की
मुयस्सर
हुईं
रोटियाँ
दो
घड़ी
की
नहीं
काम
आएँ
जो
इक
दिन
मशीनें
ज़रूरत
बने
आदमी
आदमी
की
कि
कल
शाम
फ़ुरसत
में
आई
उदासी
बता
दी
मुझे
क़ीमतें
हर
ख़ुशी
की
किया
क्या
अमन
जी
ने
बाइस
बरस
में
कभी
जी
लिया
तो
कभी
ख़ुद-कुशी
की
ग़मों
को
ठिकाने
लगाते
लगाते
घड़ी
आ
गई
आदमी
के
ग़मी
की
ये
सारी
तपस्या
का
कारण
यही
है
मिसालें
बनें
तो
बनें
सादगी
की
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Aman G Mishra
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इसी
इक
काम
में
शब
काटनी
है
तुझे
और
बस
तुझी
को
सोचना
है
Avinash Chaudhary
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हम
से
अब
भुलाया
नहीं
जाता
इक
ख़त
भी
जलाया
नहीं
जाता
Avinash Chaudhary
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पहले
तो
मेरे
साथ
बनाता
रहा
उसे
फिर
सारी
क़ायनात
उठा
कर
वो
ले
गया
Avinash Chaudhary
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मिरा
ही
अक्स
मुझ
पर
हँस
रहा
है
मुझे
इस
आइने
को
तोड़ना
है
Avinash Chaudhary
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मिरी
बातों
में
वो
ढूंँढे
फ़साने
समझ
कर
सोचकर
अब
बोलना
है
Avinash Chaudhary
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