तेज़तलवारकीधारऐसीसदा
क़तराक़तरामिरेख़ूनमें
पिघलेसेकेमानिंदगिरतीरही
मेरीरगरगमेंघुलकरबिखरतीरही
औरफिरेहुएतुंदज़र्रोंकीसूरत
मिरेजिस्ममेंदौड़तीझनझनातीफिरी
सुब्हहोनेकोहै
कोईदममेंयेज़ख़्मोंभरीरातकीगर्मचादर
उजालेकेसाबुनमेंधुलकरनिखरआएगी
हरतरफ़नर्म-ओ-नाज़ुकसीख़ुशियोंकेछींटे
किवाड़ोंकोछेड़ेंगेसुलाएँगे
फूलखिलजाएँगे
क़हक़होंचहचहोंकीज्वाला
स्याहीकेधब्बोंकोखाजाएगी
सोचताहूँ
येइकतेज़सीधारऐसीचमकतीसदा
जिसकीकिर्चेंमिरीएकइकरगमें
पंजोंकोगाड़ेखड़ीहैं
कहाँजाएगी
इतनीसदियोंकेबन-बासकोझेलकर
अपनेघरआईनारीसेअबकिसतरहमैंकहूँ
जाओ
येघरतोख़ुशियोंकीरानीकाघरहै