ik peepal ke neeche main ne apni khaat bichaaii | इक पीपल के नीचे मैं ने अपनी खाट बिछाई

  - Wazir Agha
इकपीपलकेनीचेमैंनेअपनीखाटबिछाई
लेटगयामैंखाटपेलेकिननींदमुझकोआई
आहेंभरतेकरवटेंलेतेसारीउम्रगँवाई
पीपलकेपत्तोंकोगिनतेकरतेउनपरग़ौर
पीपलकीशाख़ोंकोतकतेबीतगयाइकदौर
पीपलकीहरचीज़पुरानीअलबेलाहरतौर
चलेहवातोडालीडालीलचकलचकबलखाए
रुकेहवातोसाधूबनकरध्यानकादीपजलाए
झक्कड़केहरवारपेडोलेचीख़चीख़रहजाए
पीपलकीशाख़ोंपरबैठेकुछपंछीसुस्ताएँ
बाहरसकुछआनेवालेइककोहराममचाएँ
गाएँगीतअनोखेमिलकरनाचेंऔरनचाएँ
पीपलक्याहैजोगीकाबे-दरसाइकस्थान
झोंकेपत्तेपंछीइंसाँसबइसकेमेहमान
खाटपेलिपटासोचरहाहूँमैंमूरखनादान
  - Wazir Agha
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