tahreer se warna mirii kya ho nahin saka | तहरीर से वर्ना मिरी क्या हो नहीं सकता

  - Waseem Barelvi
तहरीरसेवर्नामिरीक्याहोनहींसकता
इकतूहैजोलफ़्ज़ोंमेंअदाहोनहींसकता
आँखोंमेंख़यालातमेंसाँसोंमेंबसाहै
चाहेभीतोमुझसेवोजुदाहोनहींसकता
जीनाहैतोयेजब्रभीसहनाहीपड़ेगा
क़तराहूँसमुंदरसेख़फ़ाहोनहींसकता
गुमराहकिएहोंगेकईफूलसेजज़्बे
ऐसेतोकोईराह-नुमाहोनहींसकता
क़दमेराबढ़ानेकाउसेकाममिलाहै
जोअपनेहीपैरोंपेखड़ाहोनहींसकता
प्यारतिरेहिस्सेमेंआयातिरीक़िस्मत
वोदर्दजोचेहरोंसेअदाहोनहींसकता
  - Waseem Barelvi
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