mohabbat na-samajh hoti hai samjh | मोहब्बत ना-समझ होती है समझाना ज़रूरी है

  - Waseem Barelvi
मोहब्बतना-समझहोतीहैसमझानाज़रूरीहै
जोदिलमेंहैउसेआँखोंसेकहलानाज़रूरीहै
उसूलोंपरजहाँआँचआएटकरानाज़रूरीहै
जोज़िंदाहोतोफिरज़िंदानज़रआनाज़रूरीहै
नई'उम्रोंकीख़ुद-मुख़्तारियोंकोकौनसमझाए
कहाँसेबचकेचलनाहैकहाँजानाज़रूरीहै
थके-हारेपरिंदेजबबसेरेकेलिएलौटें
सलीक़ा-मंदशाख़ोंकालचकजानाज़रूरीहै
बहुतबेबाकआँखोंमेंतअ'ल्लुक़टिकनहींपाता
मोहब्बतमेंकशिशरखनेकोशर्मानाज़रूरीहै
सलीक़ाहीनहींशायदउसेमहसूसकरनेका
जोकहताहैख़ुदाहैतोनज़रआनाज़रूरीहै
मिरेहोंटोंपेअपनीप्यासरखदोऔरफिरसोचो
किइसकेबा'दभीदुनियामेंकुछपानाज़रूरीहै
  - Waseem Barelvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy