क्यूँख़ुदकोतूरखताहैयूँँपत्थरसाबनाकर
चलबज़्ममेंयारोंकीकभीहँसभीलियाकर
वोदिलनचुरालेकहींसीनेसेलगाकर
तूहल्क़ा-ए-याराँमेंभीमोहतातरहाकर
तेरेसिवाकोईभीदिखाईनदेमुझको
यारबमिरीआँखोंकोसिफ़तऐसीअताकर
वोशख़्सजोनज़रोंसेबहुतदूरहैलेकिन
पहरोउसेतकताहूँमैंख़्वाबोंमेंबुलाकर
दिलसेमिरीयादोंकामिटानातोअलगबात
नंबरहीमिराफ़ोनसेदिखलादेमिटाकर
साहिलजिसेकहतेहैंतकी़मीरभीभारी
देखूँगाकिसीरोज़वोपत्थरभीउठाकर