हक़ीक़तजानकरभीख़ुदकोहीसमझारहाहूॅंमैं
बहुतहीख़ासहोमुझकोयहीबतलारहाहूॅंमैं
मगरतुममुझकोहरबारीनज़रअंदाज़करतेहो
नहींकुछभीकभीऐसाकभीवैसारहाहूॅंमैं
मुझेजिसनेभीअपनारक्खादिलबहलानेकोरक्खा
किसीकीज़िंदगीमेंइससेेज़्यादाक्यारहाहूॅंमैं
हमेशादूसरोंकेबारेमेंसोचाहैमैंनेबस
मेरेकुछफ़ैसलोंपरअबबहुतपछतारहाहूॅंमैं
फ़क़तघाटेकासौदाहीकियाहैउम्रभरमैंने
ख़ुशीऔरोंकोदेकरउनकेग़मअपनारहाहूॅंमैं