shahar ki likh gaya ik dhuaan dastaan | शहर की लिख गया इक धुआँ दास्ताँ

  - Wafa Siddiqui
शहरकीलिखगयाइकधुआँदास्ताँ
बाम-ओ-दरहोगएख़ूँ-चकाँदास्ताँ
सुननेवालोंकोहोजबगिराँदास्ताँ
छोड़दोफिरवहींहोजहाँदास्ताँ
एकहीसबकीरूदादहैशहरमें
हरमकींदास्ताँहरमकाँदास्ताँ
येतोमाज़ीकेऔराक़बतलाएँगे
उसनेफ़र्दाकीलिक्खीकहाँदास्ताँ
मेराऔरउसकाहरराज़इफ़्शाहुआ
जगमेंकहताफिराराज़दाँदास्ताँ
दश्त-ओ-सहराभीहम-राहचलनेलगे
जबसुनाताचलासारबाँदास्ताँ
तू'वफ़ा'नुक्ता-चीनोंकीमहफ़िलमेंहै
मतसुनाजाएगीराएगाँदास्ताँ
  - Wafa Siddiqui
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