husn ko be-naqaab dekha hai | हुस्न को बे-नक़ाब देखा है

  - Wafa Niyazi
हुस्नकोबे-नक़ाबदेखाहै
दिलकाआलमख़राबदेखाहै
आएवोमेरेघरब-सदतम्कीं
मैंनेशायदयेख़्वाबदेखाहै
मस्तकरदेजोसारेआलमको
वोकिसीकाशबाबदेखाहै
मैंनेअक्सरगुनाहगारोंपर
करम-ए-बे-हिसाबदेखाहै
छुपतेहैंऔरछुपनहींसकते
ऐसारंगींहिजाबदेखाहै
जबहुआइम्तिहान-ए-हुस्न-ओ-इश्क़
हुस्नकोला-जवाबदेखाहै
क्यूँँहोजन्नतकीआरज़ूहमने
कूचा-ए-बू-तुराबदेखाहै
  - Wafa Niyazi
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