sabab nahin tha koi yuñ to apne rone ka | सबब नहीं था कोई यूँँ तो अपने रोने का

  - Wafa Naqvi
सबबनहींथाकोईयूँँतोअपनेरोनेका
हुआथाशौक़मगरआस्तींभिगोनेका
येकिसख़यालमेंदिन-रातअबगुज़रतेहैं
जागनेकाकोईवक़्तहैसोनेका
हमअपनेआपकोपानेमेंइसक़दरगुमथे
हमेंमिलाहीनहींवक़्तउसकोखोनेका
वोमौज-ए-तुंदभीदरियाकीतहमेंडूबगई
जिसेथाशौक़बहुतकश्तियाँडुबोनेका
बसएकलम्सकीशाहिदतोमेरीहस्तीहै
अजबसुरूरथामिट्टीतिरेखिलौनेका
  - Wafa Naqvi
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy