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Vijay Potter Singhadiya
gham judaai aur dhaandhas men padhenge
gham judaai aur dhaandhas men padhenge | ग़म जुदाई और ढांढस में पढ़ेंगे
- Vijay Potter Singhadiya
ग़म
जुदाई
और
ढांढस
में
पढ़ेंगे
इश्क़
में
तो
यार
बोनस
में
पढ़ेंगे
आज
मत
दे
मेरे
शे'रों
पे
तवज्जोह
कल
तेरे
बच्चे
सिलेबस
में
पढ़ेंगे
- Vijay Potter Singhadiya
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इश्क़
माशूक़
इश्क़
'आशिक़
है
यानी
अपना
ही
मुब्तला
है
इश्क़
Meer Taqi Meer
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मोहब्बत
करने
वाले
कम
न
होंगे
तिरी
महफ़िल
में
लेकिन
हम
न
होंगे
Hafeez Hoshiarpuri
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अदब
वाले
अदब
की
महफ़िलें
पहचान
लेते
हैं
उन्हें
तुम
प्यार
से
कुछ
भी
कहो
वो
मान
लेते
हैं
जहाँ
तक
देख
सकते
हैं
वहाँ
तक
सुन
नहीं
सकते
मगर
जब
इश्क़
हो
जाए
तो
धड़कन
जान
लेते
हैं
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Hameed Sarwar Bahraichi
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इश्क़
को
एक
उम्र
चाहिए
और
उम्र
का
कोई
ए'तिबार
नहीं
Jigar Barelvi
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उन
का
जो
फ़र्ज़
है
वो
अहल-ए-सियासत
जानें
मेरा
पैग़ाम
मोहब्बत
है
जहाँ
तक
पहुँचे
Jigar Moradabadi
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होगा
किसी
दीवार
के
साए
में
पड़ा
'मीर'
क्या
रब्त
मोहब्बत
से
उस
आराम-तलब
को
Meer Taqi Meer
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ख़ुद-कुशी
जुर्म
भी
है
सब्र
की
तौहीन
भी
है
इस
लिए
इश्क़
में
मर
मर
के
जिया
जाता
है
Ibrat Siddiqui
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मुझ
में
थोड़ी
सी
जगह
भी
नहीं
नफ़रत
के
लिए
मैं
तो
हर
वक़्त
मोहब्बत
से
भरा
रहता
हूँ
Mirza Athar Zia
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हाए
वो
इश्क़
छुपाने
के
ज़माने
'मोहन'
याद
आता
है
ग़लत
नाम
से
नंबर
रखना
Balmohan Pandey
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सुने
हैं
मोहब्बत
के
चर्चे
बहुत
सुना
है
कि
हैं
इस
में
ख़र्चे
बहुत
नतीजे
मोहब्बत
के
आए
नहीं
भरे
थे
मगर
हम
ने
पर्चे
बहुत
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S M Afzal Imam
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भूल
कर
नइँ
भूल
पाएगी
मुझे
तू
अकेले
गुन
गुनाएगी
मुझे
जान
जायेगी
मेरी
भी
जान
अब
और
तू
भी
जान
जाएगी
मुझे
मौत
से
तो
मैं
मरूँगा
ही
नहीं
ज़िंदगी
ही
मार
खाएगी
मुझे
मेरा
पेशा
शा'इरी
है
साहिबा
इश्क़
करना
तू
सिखाएगी
मुझे
ऑनलाइन
है
अभी
तो
चाँद
भी
यार
कैसे
नींद
आएगी
मुझे
मारने
मुझको
लगेंगे
लोग
जब
शा'इरी
ही
तब
बचाएगी
मुझे
मीर
ग़ालिब
और
तुलसी
की
तरह
यार
शोहरत
कब
बुलाएगी
मुझे
ले
रहा
हूँ
शा'इरी
की
आबरू
बात
ये
भी
अब
रुलाएगी
मुझे
चाहती
है
वो
मुझे
अब
छोड़ना
छोड़
दी
आशा,मनाएगी
मुझे
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Vijay Potter Singhadiya
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उसने
भेजा
हग
कर
के
इस
बार
मुझे
मतलब
ये
सर्दी
तो,
कट
ही
जाएगी
Vijay Potter Singhadiya
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फोन
मुझे
करने
वाले
मैसेज
नहीं
करते
मेरे
यारों
बदला
इतना
तेज
नहीं
करते
Vijay Potter Singhadiya
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सब
कहते
हैं
काला
अच्छा
नइं
होता
लेकिन
तुमने
उसका
काजल
देखा
है
Vijay Potter Singhadiya
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प्यार
की
डिच
में
पडा
हूँ
लाव
दे
दे
उसकी
क्या
हिम्मत
मुझे
वो
घाव
दे
दे
सब
की
तारीफें
मैं
करता
हूँ
बराबर
क्या
पता
अब
कौन
सी
कब
भाव
दे
दे
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Vijay Potter Singhadiya
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