takht-e-taaus miraa takht-e-hazaara tum ho | तख़्त-ए-ताऊस मिरा तख़्त-ए-हज़ारा तुम हो

  - Vishma Khan Vishma
तख़्त-ए-ताऊसमिरातख़्त-ए-हज़ारातुमहो
मेरेशहज़ादेमिरीआँखकातारातुमहो
मैंतिरेइश्क़मेंलैलातोकभीहीरबनी
तुमहोमजनूँयाहोफ़रहादगवारातुमहो
मैंनेकाटीहैतिरेप्यारमेंयेउम्र-ए-रवाँ
जिसकेख़्वाबोंमेंसदावक़्तगुज़ारातुमहो
ज़ीस्ततोतेरीअमानतथीतिरेसाथरही
औरफिरखेलसमझकरजिसेहारातुमहो
जिसकीआग़ोशमेंमेराहैसफ़ीना'विशमा'
इससमुंदरकामिरीजानकिनारातुमहो
  - Vishma Khan Vishma
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