karna hai kaar-e-khair to phir sar na dekhna | करना है कार-ए-ख़ैर तो फिर सर न देखना

  - Vishma Khan Vishma
करनाहैकार-ए-ख़ैरतोफिरसरदेखना
बरसेंजोतेरीज़ातपेपत्थरदेखना
लगनेलगेंगेदोस्तभीदुश्मनसभीतुम्हें
यानीहैकिसकेहाथमेंख़ंजरदेखना
रखनाहक़ीक़तेंभीनिगाहोंकेसामने
दिनरातसिर्फ़ख़्वाबकामंज़रदेखना
रहजाएरंग-ओ-बूसेत'अल्लुक़तिराअगर
फूलोंकोअपनेहाथसेछूकरदेखना
जानाअगरहैपारतोहोकरसवारतुम
कश्तीकेसाथसाथसमुंदरदेखना
ख़ुदकरनाज़िंदगीसेवफ़ाओंकाफ़ैसला
क्याकहरहाहैतुमसेमुक़द्दरदेखना
मसरूफ़अपनीजंगमेंरहनासदामगर
नज़रेंउठाकेतुमकभीऊपरदेखना
  - Vishma Khan Vishma
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