ik jhalak men kaise duniya dekhte | इक झलक में कैसे दुनिया देखते

  - Vishal Vishesh
इकझलकमेंकैसेदुनियादेखते
काशउसकोहमदुबारादेखते
इसकटीमिट्टीमेंक्यालुत्फ़ेनज़र
बाढ़सेपहलेकिनारादेखते
अबतरफ़दारीबहुतहीआमहै
आपभीअपनापरायादेखते
लौटकरअबआएहोअबक्याबचा
पहलेजातेतोजलवादेखते
धूपकोचादरकिएचलतेरहे
कबतलकपेड़ोंकारस्तादेखते
  - Vishal Vishesh
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