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Vishal Bagh
uski tasveer band aankhoñ se
uski tasveer band aankhoñ se | उसकी तस्वीर बंद आँखों से
- Vishal Bagh
उसकी
तस्वीर
बंद
आँखों
से
पहले
बनती
थी
अब
नहीं
बनती
- Vishal Bagh
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तुझको
बतलाता
मगर
शर्म
बहुत
आती
है
तेरी
तस्वीर
से
जो
काम
लिया
जाता
है
Tehzeeb Hafi
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अजब
अंदाज़
के
शाम-ओ-सहर
हैं
कोई
तस्वीर
हो
जैसे
अधूरी
Asad Bhopali
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जो
चुप-चाप
रहती
थी
दीवार
पर
वो
तस्वीर
बातें
बनाने
लगी
Adil Mansuri
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दिल्ली
के
न
थे
कूचे
औराक़-ए-मुसव्वर
थे
जो
शक्ल
नज़र
आई
तस्वीर
नज़र
आई
Meer Taqi Meer
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मेरे
कमरे
में
उदासी
है
क़यामत
की
मगर
एक
तस्वीर
पुरानी
सी
हँसा
करती
है
Abbas Qamar
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अपने
जैसी
कोई
तस्वीर
बनानी
थी
मुझे
मिरे
अंदर
से
सभी
रंग
तुम्हारे
निकले
Salim Saleem
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वो
हमारा
ग़म
चुरा
कर
ले
गया
साथ
अपने
ले
गया
तस्वीर
भी
Meem Alif Shaz
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यार
तस्वीर
में
तन्हा
हूँ
मगर
लोग
मिले
कई
तस्वीर
से
पहले
कई
तस्वीर
के
बा'द
Umair Najmi
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ज़िंदगी
भर
वो
उदासी
के
लिए
काफ़ी
है
एक
तस्वीर
जो
हँसते
हुए
खिंचवाई
थी
Yasir Khan
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उठाओ
कैमरा
तस्वीर
खींच
लो
इन
की
उदास
लोग
कहाँ
रोज़
मुस्कराते
हैं
Malikzada Javed
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उसके
हाथों
में
बस
हम
ही
जँचते
थे
दावा
सोने
का
कंगन
भी
करता
था
Vishal Bagh
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तुम्हारे
अंदर
छुपी
हुई
इक
हसीन
लड़की
ज़रा
से
काजल
ज़रा
सी
लाली
से
मिल
गई
है
Vishal Bagh
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अपनी
मर्ज़ी
से
कुछ
चुनूँगा
मैं
हर
अदा
पर
नहीं
मरूँगा
मैं
वो
अगर
ऐसे
देख
ले
मुझको
उसको
अच्छा
नहीं
लगूँगा
मैं
बाग़
में
दिल
नहीं
लगा
अब
के
अगले
मौसम
नहीं
खिलूँगा
मैं
उस
सेे
आगे
नहीं
निकलना
पर
उसके
पीछे
नहीं
चलूँगा
मैं
कह
गए
थे
वो
याद
रक्खेंगे
याद
ही
तो
नहीं
रहूँगा
मैं
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Vishal Bagh
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तुम
जो
कहते
थे
ना
इक
दिन
छू
लोगे
छू
लेते
ना
मेरा
मन
भी
करता
था
Vishal Bagh
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जब
वो
बोले
कि
कोई
प्यारा
था
उनका
मेरी
तरफ़
इशारा
था
हम
निकल
आए
जिस्म
से
बाहर
उसने
कुछ
इस
तरह
पुकारा
था
फेर
देता
था
वो
नज़र
अपनी
हर
नज़र
का
यही
उतारा
था
डूब
जाना
ही
ठीक
था
मेरा
मेरे
दोनों
तरफ़
किनारा
था
आख़िरश
बोझ
हो
गया
देखो
मुझको
जो
जिस्म
जाँ
से
प्यारा
था
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Vishal Bagh
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