savaad-e-shaam men sab vahshiyon ka jalsa ho | सवाद-ए-शाम में सब वहशियों का जलसा हो

  - Vipul Kumar
सवाद-ए-शाममेंसबवहशियोंकाजलसाहो
लहूकारागहोऔरनग़मा-साज़प्यासाहो
सुनारहेहैंमुझेलोगदास्ताँउसकी
इसएतिमादसेजैसेकिसीनेदेखाहो
किसीकेहोंटसुरोंमेंकलामकरतेहों
किसीकारंजउदासीकीतानलेताहो
किसीकनारकीख़ुशबूसेशे'रखुलनेलगें
किबातबातनहींहोबसइकइशाराहो
बला-ए-सर्दकोईशालहोसितारोंजड़ा
ख़िज़ाँकीशामहोऔरसर्दियोंकाक़िस्साहो
गिलाकरकिगिलामातम-ए-मोहब्बतहै
गलेसेलगकेबतामुझसेेजोभीशिकवाहो
अबगएहैंकिआख़िरतेरीगलीकाभरम
कहींकिवाड़कीदस्तकहीसेखुलताहो
मैंयेसमझकेरग-ए-गुलसेबातकरताहूँ
कोईतोबाग़मेंमेराहिसाबलिखताहो
  - Vipul Kumar
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