ajab si aaj-kal main ik pareshaani men hooñ yaaro | अजब सी आज-कल मैं इक परेशानी में हूँ यारो

  - Vineet Aashna
अजबसीआज-कलमैंइकपरेशानीमेंहूँयारो
यहीमुश्किलमेरीहैबसमैंआसानीमेंहूँयारो
मुझेउनझीलसीआँखोंमेंयूँँभीडूबनाहीहै
पूछोबारहाकितनेमेंअबपानीमेंहूँयारो
सूरतवस्लकीकोईकोईहिज्रकाग़महै
मैंअबकेबारकुछऐसीहीवीरानीमेंहूँयारो
मुझेलगताथामुमकिनहीनहींहैउसकेबिनजीना
मैंज़िंदाहूँमगरमुद्दतसेहैरानीमेंहूँयारो
बदनकापैरहनछोटामुझेपड़नेलगाइतना
मैंखुलकरसाँसलेनेकोभीउर्यानीमेंहूँयारो
ख़ुदानेरखदियामुझकोउसीकेदिलमेंजानेक्यूँँ
बाहोँमेंहूँमैंजिसकीपेशानीमेंहूँयारो
उसीइक'आशना'कोढूँढतीहरपलमिरीआँखें
मैंरहतारात-दिनजिसकीनिगहबानीमेंहूँयारो
  - Vineet Aashna
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