main raah-e-jannat ka asl naqsha chura raha tha | मैं राह-ए-जन्नत का अस्ल नक़्शा चुरा रहा था

  - Vikram Gaur Vairagi
मैंराह-ए-जन्नतकाअस्लनक़्शाचुरारहाथा
सोउँगलियोंकोतेरेलबोंपरफिरारहाथा
मैंइसलिएभीसरअपनाहाँमेंहिलारहाथा
मुझेपताहैतूसिर्फ़बातेंबनारहाथा
बिछड़केहमसेेहमारीग़लतीगिनारहाथा
हमाराग़मथाहमींकोआँखेंदिखारहाथा
वोख़ुदकोदुनियाकाएकहिस्साबनाचुकीथी
मैंअपनेहिस्सेकाप्यारजिसपरलुटारहाथा
तुम्हींनेजानेकोकहदियाहैतुम्हींकहोगे
उसेबुलाओ,वोशे'रअच्छेसुनारहाथा
  - Vikram Gaur Vairagi
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