hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Kavi Vikash Shukla
har din teraa raasta dekha jaayega
har din teraa raasta dekha jaayega | हर दिन तेरा रास्ता देखा जाएगा
- Kavi Vikash Shukla
हर
दिन
तेरा
रास्ता
देखा
जाएगा
जो
कुछ
कहेगी
दुनिया
देखा
जाएगा
इश्क़
है
तुम
सेे
बस
इतना
कह
लेने
दो
फिर
जो
कुछ
भी
होगा
देखा
जाएगा
- Kavi Vikash Shukla
Download Sher Image
फूल
से
लेकर
ये
धनिया
लाने
तक
के
इस
सफ़र
को
मुझको
तेरे
साथ
ही
तय
करने
की
ख़्वाहिश
है
पगली
Harsh saxena
Send
Download Image
5 Likes
अभी
से
पाँव
के
छाले
न
देखो
अभी
यारो
सफ़र
की
इब्तिदा
है
Ejaz Rahmani
Send
Download Image
17 Likes
अपनी
मर्ज़ी
से
कहाँ
अपने
सफ़र
के
हम
हैं
रुख़
हवाओं
का
जिधर
का
है
उधर
के
हम
हैं
Nida Fazli
Send
Download Image
55 Likes
उसे
समझने
का
कोई
तो
रास्ता
निकले
मैं
चाहता
भी
यही
था
वो
बे-वफ़ा
निकले
Waseem Barelvi
Send
Download Image
69 Likes
किताब
फ़िल्म
सफ़र
इश्क़
शा'इरी
औरत
कहाँ
कहाँ
न
गया
ख़ुद
को
ढूँढता
हुआ
मैं
Jawwad Sheikh
Send
Download Image
108 Likes
ज़िंदगी
अपना
सफ़र
तय
तो
करेगी
लेकिन
हम-सफ़र
आप
जो
होते
तो
मज़ा
और
ही
था
Ameeta Parsuram Meeta
Send
Download Image
48 Likes
ज़ख़्म
है
दर्द
है
दवा
भी
है
जैसे
जंगल
है
रास्ता
भी
है
यूँँ
तो
वादे
हज़ार
करता
है
और
वो
शख़्स
भूलता
भी
है
हम
को
हर
सू
नज़र
भी
रखनी
है
और
तेरे
पास
बैठना
भी
है
यूँँ
भी
आता
नहीं
मुझे
रोना
और
मातम
की
इब्तिदा
भी
है
चूमने
हैं
पसंद
के
बादल
शाम
होते
ही
लौटना
भी
है
Read Full
Karan Sahar
Send
Download Image
9 Likes
इसी
से
जान
गया
मैं
कि
बख़्त
ढलने
लगे
मैं
थक
के
छाँव
में
बैठा
तो
पेड़
चलने
लगे
मैं
दे
रहा
था
सहारे
तो
इक
हुजूम
में
था
जो
गिर
पड़ा
तो
सभी
रास्ता
बदलने
लगे
Read Full
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
69 Likes
बाग़-ए-बहिश्त
से
मुझे
हुक्म-ए-सफ़र
दिया
था
क्यूँँ
कार-ए-जहाँ
दराज़
है
अब
मिरा
इंतिज़ार
कर
Allama Iqbal
Send
Download Image
31 Likes
रास्ता
सोचते
रहने
से
किधर
बनता
है
सर
में
सौदा
हो
तो
दीवार
में
दर
बनता
है
Jaleel 'Aali'
Send
Download Image
23 Likes
Read More
ज़ख़्म
नासूर
थे
सिल
नहीं
पाए
हम
फूल
पतझड़
के
थे
खिल
नहीं
पाए
हम
तुम
हर
इक
बात
में
हम
सेे
बेहतर
रहे
इसलिए
भी
तो
बस
मिल
नहीं
पाए
हम
Read Full
Kavi Vikash Shukla
Send
Download Image
3 Likes
दर्द-ओ-गम
से
हटा
ली
गई
ज़िन्दगी
मुश्किलों
से
निकाली
गई
ज़िन्दगी
फिर
किसी
रोज़
तुम
सेे
मोहब्बत
हुई
फिर
न
हम
सेे
संभाली
गई
ज़िन्दगी
Read Full
Kavi Vikash Shukla
Send
Download Image
1 Like
माँ
के
हाथों
खाना
खाना
अच्छा
लगता
है
आज
भी
पापा
का
समझाना
अच्छा
लगता
है
जिम्मेदारियाँ
घर
में
रहने
नइँ
देती
वरना
किसको
अपने
घर
से
जाना
अच्छा
लगता
है
Read Full
Kavi Vikash Shukla
Send
Download Image
5 Likes
हर
इक
दर्द
को
हँसकर
सहना
पड़ता
है
या
फिर
ज़ख़्म
छुपाकर
रहना
पड़ता
है
वो
जब
हँसकर
पूछता
है
यूँँ
हाल
मेरा
मुझको
सब
कुछ
अच्छा
कहना
पड़ता
है
Read Full
Kavi Vikash Shukla
Send
Download Image
1 Like
बाकी
उम्मीद
थी
आख़िरी
काट
दी
हम
थे
जुगनू
सो
सब
तीरगी
काट
दी
तुम
हमारे
थे
ये
एक
भ्रम
था
हमें
बस
इसी
भ्रम
में
ये
ज़िन्दगी
काट
दी
Read Full
Kavi Vikash Shukla
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Father Shayari
Death Shayari
Aasra Shayari
Nazar Shayari
Wahshat Shayari