saha umr bhar par jataaya nahin | सहा उम्र भर पर जताया नहीं

  - Vikas Joshi Wahid
सहाउम्रभरपरजतायानहीं
तिराज़ख़्महमनेदिखायानहीं
अज़लसेखड़ेहैंवफ़ाएँलिए
किसीनेहमेंआज़मायानहीं
मिलासाफ़-गोईकाहमकोसिला
गलेसेकिसीनेलगायानहीं
हमाराहीदुखहैउठाएँगेहम
हैयेबोझअपनापरायानहीं
सफ़रज़िंदगीकारहाइसतरह
कड़ीधूपथीऔरसायानहीं
झुकाहैतोबसबंदगीमेंतिरी
कहींऔरसरयेझुकायानहीं
बहुतभारहीहैउल्फ़ततुम्हें
येधोकाअभीतुमनेखायानहीं
यूँँ'वाहिद'तोइतनाबुराभीथा
तुझेज़िंदगीनेनिभायानहीं
  - Vikas Joshi Wahid
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