yahii pe baat atki hai main kuchh hone se dartaa hooñ | यही पे बात अटकी है मैं कुछ होने से डरता हूँ

  - Vibhu Raj
यहीपेबातअटकीहैमैंकुछहोनेसेडरताहूँ
जिसेपायानहींहैमैंउसेखोनेसेडरताहूँ
हमारेसामनेकीचीज़हीदिखतीनहींहमको
हुआमालूमयेखोकरकिमैंखोनेसेडरताहूँ
नज़रख़ुदकोलगादूँगालगाडरमुझकोरहताहै
मैंजबभीमुस्कुराताहूँतभीरोनेसेडरताहूँ
मददसबजानकरभीमैंतुम्हारीकरपाऊँगा
यहीकारणहैजोमैंरास्ताहोनेसेडरताहूँ
लगेगादेखनेसेयेतुम्हेंजागाहुआहूँमैं
मगरसच्चाईतोयेहैकिमैंसोनेसेडरताहूँ
सुकूनआताहैफिरभीबैठकेकमरेकेकोनेमें
मगरकोनातोआख़िरकोनाहैकोनेसेडरताहूँ
  - Vibhu Raj
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