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Vinod Ganeshpure
chup mujhe tu kar nahin saktaa kabhi bhi
chup mujhe tu kar nahin saktaa kabhi bhi | चुप मुझे तू कर नहीं सकता कभी भी
- Vinod Ganeshpure
चुप
मुझे
तू
कर
नहीं
सकता
कभी
भी
शे'र
जंगल
में
कभी
डर
के
जिया
है
- Vinod Ganeshpure
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ज़ख़्म
है
दर्द
है
दवा
भी
है
जैसे
जंगल
है
रास्ता
भी
है
यूँँ
तो
वादे
हज़ार
करता
है
और
वो
शख़्स
भूलता
भी
है
हम
को
हर
सू
नज़र
भी
रखनी
है
और
तेरे
पास
बैठना
भी
है
यूँँ
भी
आता
नहीं
मुझे
रोना
और
मातम
की
इब्तिदा
भी
है
चूमने
हैं
पसंद
के
बादल
शाम
होते
ही
लौटना
भी
है
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Karan Sahar
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ख़ुद
को
मनवाने
का
मुझको
भी
हुनर
आता
है
मैं
वो
कतरा
हूँ
समुंदर
मेरे
घर
आता
है
Waseem Barelvi
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किसी
कली
किसी
गुल
में
किसी
चमन
में
नहीं
वो
रंग
है
ही
नहीं
जो
तिरे
बदन
में
नहीं
Farhat Ehsaas
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ईद
पर
सब
फूल
लेकर
आ
रहे
हैं
हो
गए
हैं
ज़िंदगी
के
ख़त्म
रमज़ान
Aves Sayyad
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हज़ारों
साल
नर्गिस
अपनी
बे-नूरी
पे
रोती
है
बड़ी
मुश्किल
से
होता
है
चमन
में
दीदा-वर
पैदा
Allama Iqbal
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मिरे
सूरज
आ!
मिरे
जिस्म
पे
अपना
साया
कर
बड़ी
तेज़
हवा
है
सर्दी
आज
ग़ज़ब
की
है
Shahryar
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सभी
रिश्तें
मैं
यूँँ
बचाए
हूँ
जैसे
तड़पते
दियों
को
हवा
देते
रहना
Parul Singh "Noor"
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नहीं
आबो
हवा
में
ताज़गी
अब
दवा
की
सीसियों
में
ज़िन्दगी
है
Umesh Maurya
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प्यार
की
जोत
से
घर
घर
है
चराग़ाँ
वर्ना
एक
भी
शम्अ
न
रौशन
हो
हवा
के
डर
से
Shakeb Jalali
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न
रूई
हो
तो
अपने
अश्कों
से
बाती
बनाएँगे
बुझा
दीया
हमारा
तो
हवा
से
लड़
भी
जाएँगे
बनाई
रोज़
चौदह
साल
रंगोली
बस
इस
ख़ातिर
न
जाने
रामजी
वनवास
से
कब
लौट
आएंँगे
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Krishnakant Kabk
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बातें
होती
जो
थी
दिल
की
यूँँ
दरिया-ए-नूर
कभी
मैं
ख़ुद
की
दुनिया
भूला
जब
साथ
मिरे
थी
हूर
खड़ी
Vinod Ganeshpure
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रोका
नहीं
मैंने
उसे
जाने
दिया
इस
ज़िंदगी
के
गीत
को
गाने
दिया
Vinod Ganeshpure
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यूँँ
मुझे
देख
कर
लगा
होगा
है
बड़ी
ज़िंदगी
हसीं
अपनी
Vinod Ganeshpure
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मंजिलों
को
प्यार
है
वो
रास्ता
है
साथ
मेरे
रहगुज़र
का
वास्ता
है
Vinod Ganeshpure
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शिव
बिना
अंत
जयकार
है
सत्य
शिव
पंथ
सरकार
है
शिव
जगत
के
परम
तत्व
भी
नित्य
शिव
ही
निरंकार
है
शिव
धरे
है
अहम
इस
तरह
मौन
शिव
तप
अलंकार
है
क्रोध
शिव
ने
पिया
है
सभी
शिव
हलाहल
नमस्कार
है
चंद्र
को
सिर
पे
रख
जो
लिया
शिव
तिरा
चंद्र
आकार
है
शेष
को
जब
लगा
कर
गले
विष
बना
नित्य
जयकार
है
बैठ
नंदी
वहीं
आज
शिव
शिव
दया
सत्य
स्वीकार
है
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Vinod Ganeshpure
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