jaan-e-jaan roz kyuuñ nahaati ho | जान-ए-जाँ रोज़ क्यूँ नहाती हो

  - Vaseem 'Haidar'
जान-ए-जाँरोज़क्यूँनहातीहो
बन-सँवरकेकहाँकोजातीहो
औरकितनीदफ़ाकहूँतुमसेे
तुमबहुतमुझकोयादआतीहो
क्यामिरादुखतुम्हेंनहींबिलकुल
यारक्यूँइतनामुस्कुरातीहो
मैंबुझाहूँबुझारहूँगाअब
तुमतोतारेसीजगमगातीहो
मुझकोसचसचबताओजान-ए-जाँ
मुझसेेतुमनज़रेंक्यूँचुरातीहो
कैसेदेदेंतुम्हेंयेअपनादिल
तुमदिलोंकोबहुतदुखातीहो
तुमकोक्याइंतिकामलेनाहै
मुझपेक्यूँँइतनाज़ुल्मढातीहो
कोईलड़कानज़रमेंआयाक्या
तुमपतंगेंबहुतउड़ातीहो
  - Vaseem 'Haidar'
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